अच्छे वैवाहिक जीवन के लिए किस भगवान की पूजा करनी चाहिए?

Indian Astrology | 29-Dec-2022

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कई लोगों के वैवाहिक जीवन में शांति नहीं रहती है और पति-पत्‍नी के बीच लगातार अनबन बनी रहती है। छोटी-छोटी बात पर झगड़े होते हैं और पति-पत्‍नी के बीच अक्‍सर कलह रहती है जिससे पूरे घर का माहौल खराब रहता है। कई शादीशुदा जोड़े इस बात से परेशान होते हैं कि आखिर उनके वैवाहिक जीवन में किस तरह खुशहाली आएगी या शादीशुदा जिंदगी में प्‍यार और विश्‍वास को कैसे बढ़ाया जा सकता है या किस देवी-देवता की पूजा करने से वैवाहिक सुख की प्राप्‍ति होती है?

ज्‍योतिषशास्‍त्र के अनुसार भगवान श्रीकृष्‍ण की कृपा से दांपत्‍य जीवन में प्रेम की मिठास घोली जा सकती है। ऐसे कुछ ज्‍योतिषीय उपाय हैं जो आपके वैवाहिक जीवन के संकटों को दूर कर पति-पत्‍नी के बीच प्रेम को बढ़ाने का काम करेंगे।

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श्रीकृष्‍ण की पूजा करें

एक साफ मेज पर लाल रंग का नया वस्‍त्र बिछाएं और भगवान कृष्ण की एक तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें। इसे पूजा कक्ष या वेदी के पास व्यवस्थित करें। श्री कृष्ण की मूर्ति को माला, वस्त्र, आभूषण और फूलों से सजाएं। घी और रूई की बत्ती से दो दीपक तैयार करें। पूजा की थाली में हल्दी का लेप, चंदन का लेप, सिंदूर, अगरबत्ती, आरती का दीपक, पीने का पानी, एक चम्मच और कुछ फूलों के साथ तांबे का लोटा रखें। अब आप श्रीकृष्‍ण की आरती करें और उनसे अपने वैवाहिक जीवन की समस्‍याओं को दूर करने की प्रार्थना करें।

वैवाहिक सुख के लिए श्रीकृष्‍ण का मंत्र

जिन लोगों के दांपत्‍य जीवन में समस्‍याएं आ रही हैं या रोज पति-पत्‍नी के बीच झगड़े हो रहे हैं, तो नियमित रूप से 108 बार इस मंत्र का जाप करें - ऊं क्‍लीं कृष्‍णाय गोपीजन वल्‍लभाय स्‍वाहा:।।

मंत्र जाप के लाभ

यह मंत्र प्रेम को विवाह में बदलने में सफलता दिलाने में मदद करता है। भगवान कृष्ण के इस मंत्र का जाप करने से सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद मिलता है। इस मंत्र का जाप करने वाला अहंकार, क्रोध और समाज की कुरीतियों से मुक्त महसूस करता है। यह शांति, समृद्धि, प्रेम और बुराई पर अच्छाई की जीत पाने में मदद करता है। यह मंत्र आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करता है।

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भगवान शिव की पूजा

भगवान शिव और मां पार्वती को आदर्श दांपत्‍य का प्रतीक कहा जाता है। यदि आप चाहते हैं कि आपका वैवाहिक जीवन सुखों से भरा रहे और पति-पत्‍नी के बीच अपार प्रेम और अटूट विश्‍वास रहे तो आपको भगवान शिव की आराधना शुरू कर देनी चाहिए। भगवान शिव को संहारक माना गया है लेकिन इसके साथ ही वे अपने भक्‍त के जीवन में शांति और प्रेम का आशीर्वाद भी देते हैं। भगवान शिव प्रेम का भी प्रतीक हैं। भारतीय महिलाएं शिवजी जैसा पति पाने के लिए सोमवार का व्रत रखती हैं। शिव-पार्वती को वैवाहिक सुख के लिए बहुत महत्‍वपूर्ण माना गया है। पूरी श्रद्धा के साथ रोज शिवजी की आराधना करने से वैवाहिक जीवन में सुख मिलता है।

सुखी वैवाहिक जीवन के उपाय

  • पत्नी को दिन में कम से कम एक बार दुर्गा चालीसा का पाठ करना चाहिए, इससे रिश्ते की सुख-समृद्धि बनी रहती है।
  • अगर दोनों में से कोई एक मांगलिक है तो मंगल दोष निवारण पूजा की सलाह दी जाती है। यह किसी व्यक्ति की कुंडली में ग्रहों की गलत स्थिति के कारण होने वाले बुरे प्रभावों को कम करने में मदद करता है।
  • इसी तरह, यदि दोनों में से किसी एक की कुंडली में कालसर्प दोष है, तो इसके परिणामों को कम करने के लिए कालसर्प दोष निवारण पूजा की सलाह दी जाती है। इस दोष से प्रभावित व्यक्ति मानसिक और आर्थिक रूप से तनावग्रस्त हो सकता है।
  • पत्नियों को हर शुक्रवार को व्रत रखने की कोशिश करनी चाहिए क्योंकि इससे देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं, जिससे अंततः रिश्तों में मधुरता बढ़ती है।
  • पति और पत्नी दोनों को भगवान कृष्ण और पार्वती की पूजा करनी चाहिए क्योंकि वे प्रेम और भक्ति के प्रतीक हैं।
  • घर में तुलसी का पौधा जरूर रखें क्योंकि यह पति-पत्नी के बीच के रिश्ते को बेहतर बनाता है। महिलाओं को प्रतिदिन जल में कुमकुम और हल्दी डालकर उसे तुलसी के पौधे पर अर्पित करना चाहिए। घर के पुरुष सदस्य उसी पौधे पर लकड़ी या चांदी की बनी बांसुरी लगाएं।
  • एक भुर्जे के पत्ते पर पति-पत्नी का नाम अंकित करें और उस पर थोड़ा सा पवित्र गंगाजल छिड़क कर चांदी की डिब्बी में रख दें। इस चांदी की डिब्बी को तुलसी के बर्तन के अंदर रखें और इसे मिट्टी से ढक दें। यह रिश्तों की मिठास और ताजगी बनाए रखने में मदद करता है।
  • मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को मांसाहार से परहेज करें क्योंकि यह जोड़ों के बीच के झगड़ों को कम करने में मदद करता है।
  • प्रतिदिन 108 बार गायत्री मंत्र का जाप करें। यह आसपास की नकारात्मक ऊर्जाओं को दूर रखने में मदद करता है।
  • सोते समय पति-पत्नी को हमेशा अपना सिर दक्षिण दिशा की ओर रखना चाहिए और घर के दक्षिण-पूर्व कोने में लाल रंग का बल्ब जलाना चाहिए।

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