किस राशि के जातकों के लिए माणिक्य धारण करना शुभ है या अशुभ ।

Future Point | 20-Jun-2019

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सूर्य को एक ऊर्जावान ग्रह माना जाता है और सूर्य ग्रह सिंह राशि का स्वामी होता है अतः माणिक्य रत्न धारण करने से व्यक्ति आत्मनिर्भर भी बनता है और वर्चस्व की क्षमता भी बढ़ती है व मानसिक एवं आध्यात्मिक शक्तियां भी बढ़ती हैं इसके अलावा अस्थिरता नष्ट होकर स्थिरता प्राप्त होती है और आत्मोन्नति एवं संतान सुख भी बढ़ता है परन्तु यह ध्यान रखना आवश्यक होता है कि माणिक्य रत्न को लग्न, दशा तथा ग्रह-गोचर का अध्ययन करके ही धारण करना चाहिए और इस बात का भी ध्यान अवश्य रखें कि माणिक्य रत्न के साथ कभी भी हीरा, गोमेद एवं नीलम नहीं पहनना चाहिए।

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असली माणिक्य रत्न की पहचान एवं इसके लाभ -

  • अच्छा माणिक्य रत्न आभायुक्त चमकदार होता है।
  • माणिक्य रत्न को हाथ में पकड़ने पर भारी लगेगा और हल्की-हल्की गर्मी महसूस होगी।
  • माणिक्य रत्न रक्तवर्धक, वायुनाशक और पेट रोगों में लाभकारी सिद्ध होता है।
  • माणिक्य रत्न मानसिक रोग एवं नेत्र रोग में भी फायदा करता है।
  • माणिक्य रत्न को धारण करने से नपुंसकता भी नष्ट होती है।

किस राशि के जातकों के लिए माणिक्य रत्न धारण करना शुभ है या अशुभ -


मेष राशि :

मेष राशि वाले जातकों की कुंडली में सूर्य पंचम का स्वामी होने के कारण माणिक्य रत्न धारण करना संतान सुख, ईष्ट कृपा तथा शिक्षा में उन्नति होती है इसके अलावा मेष का स्वामी मंगल और सूर्य में मित्रता होने के कारण माणिक्य रत्न धारण करने से शासकीय एवं पराक्रम से संबंधी कार्यों में भी विजय प्राप्त होती है।


वृषभ राशि :

वृषभ राशि वाले जातकों की कुंडली में चतुर्थेश सूर्य होने के कारण माणिक्य होने के कारण तथा चतुर्थ हृदय भाव होने से यदि आपको हृदय संबंधी रोग हो तो माणिक्य रत्न पहन सकते हैं और सूर्य की महादशा में भी माणिक्य रत्न को पहन सकते हैं इसके अलावा वृषभ राशि का स्वामी शुक्र तथा सूर्य की आपस में शत्रुता होने से वृषभ राशि वाले जातकों को माणिक्य रत्न धारण नहीं करना चाहिए।

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मिथुन राशि :

मिथुन राशि के जातकों को माणिक्य रत्न को सूर्य रोगों को नष्ट करने के लिए ही धारण करना चाहिए अन्यथा नहीं, मिथुन राशि का स्वामी बुध और सूर्य आपस में मित्र होने से माणिक्य रत्न धारण किया जा सकता है इसके अलावा माणिक्य पराक्रमेश होने से न खराब और न ही अच्छा होता है अतः कुंडली का विशेष विश्लेषण करने के बाद ही माणिक्य रत्न को धारण करना चाहिए।


कर्क राशि :

कर्क राशि के जातकों को धन एवं विद्या की प्राप्ति के लिए माणिक्य रत्न धारण करना शुभ रहता है, सूर्य चन्द्र मित्र होने से भी माणिक्य धारण किया जा सकता है लेकिन द्वितीय मारक होने से माणिक्य रत्न को धारण करना उचित नहीं होता है, यदि नेत्र या हृदयरोग हो तो धारण कर सकते हैं, कई ज्योतिषियों का मानना है कि सूर्य चन्द्र को मारकत्व दोष नहीं लगता है अतः माणिक्य रत्न धारण कर सकते हैं।


सिंह राशि :

सिंह राशि वाले जातक माणिक्य रत्न को धारण कर सकते हैं यह जीवनरत्न है जो कि मान-सम्मान और स्वास्थ्य के लिए उत्तम है क्योंकि यह सिंह का स्वामी ग्रह का रत्न है अतः सिंह राशि के जातकों के लिए माणिक्य शुभ फलदायक है लग्नेश का रत्न होने से यह व्यक्तित्व को निखारता है।


कन्या राशि :

कन्या राशि जातकों को माणिक्य रत्न धारण करना अशुभ रहेगा क्योंकि इनकी कुंडली में सूर्य बारहवें भाव का स्वामी होता है और बारहवां भाव त्रिकभाव है, और यदि हृदयरोग के लिए रत्न धारण करना चाहते है तो ज्योतिषी की सलाह लेकर ही धारण करना चाहिए।


तुला राशि :

तुला राशि के जातकों की कुंडली में सूर्य एकादश भाव का स्वामी होता है और एकादश भाव लाभ है लेकिन तुला राशि के स्वामी शुक्र और सूर्य में शत्रुता होने के कारण इन जातकों के लिए माणिक्य धारण करना कष्टदायी हो सकता है अतः हड्डी रोग हो तो योग्य ज्योतिषी की सलाह लेकर माणिक्य रत्न धारण कर सकते हैं।


वृश्चिक राशि :

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए माणिक्य रत्न धारण करना शुभ होता है, वृश्चिक का स्वामी मंगल, सूर्य का मित्र होने से कल्याणकारी हो गया है और दशम भावेश होने के कारण माणिक्य धारण करना राज्य सुख प्रदायक तथा खेलकूद, सर्विस, चिकित्सीय व्यापार से लाभ करता है अतः वृश्चिक राशि के जातक सूर्य, मंगल, गुरु, बुध एवं चन्द्र की महादशा में माणिक्य रत्न को धारण कर सकते हैं।


धनु राशि :

धनु राशि के जातकों की कुंडली में सूर्य भाग्यवान का स्वामी होता है तथा राशि गुरु का भी मित्र है अतः धनु राशि वालों को आजीवन माणिक्य धारण करना चाहिए जिससे भाग्योन्नति के शुद्धावसर प्राप्त होते हैं और आर्थिक पक्ष भी मजबूत होता है तथा अचानक भाग्य से धन प्राप्त होता है और पराक्रम की प्राप्ति होती है तथा नेत्र एवं हृदयरोग में लाभ होता है।


मकर राशि :

मकर राशि के जातक की कुंडली में अष्टम होने के कारण माणिक्य कभी भी धारण नहीं करना चाहिए, मकर राशि का स्वामी शनि तथा सूर्य में शत्रुता अनुचित होगी।


कुंभ राशि :

कुंभ राशि के जातक की कुंडली में सप्तम सूर्य की राशि होने के कारण इनके लिए माणिक्य धारण करना कष्टप्रद रहेगा और राशि शनि तथा सूर्य में भी शत्रुता होती है अतः कुंभ राशि के जातक को माणिक्य भूलकर भी धारण नही करना चाहिए क्योंकि सप्तम मारक स्थान है।


मीन राशि :

मीन राशि गुरु की राशि है तथा सूर्य और गुरु में मित्रता है, परन्तु सूर्य षष्ठेश होकर अशुभ हो गया है अतः मीन राशि के जातकों के लिए माणिक्य धारण करना शुभ नहीं है।