मंगल दोष ने आपके जीवन में किया अमंगल ? तो वैदिक ज्योतिष से जानें दोष मुक्ति ।

Future Point | 25-Apr-2019

Views: 537

मंगल एक उष्ण प्रकृति वाला ग्रह है, जब किसी व्यक्ति की कुंडली में पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें घर में मंगल होता है तब मांगलिक दोष लगता है.

मंगल बेसिकली रिश्तों का मालिक है तथा जीवन में शुभता का मालिक है और जब कुंडली में मंगल दोष होता है तो कुंडली की शुभता कम हो जाती है ऐसे में जीवन में मुश्किलें बढ़ जाती हैं और रिश्तों को बनाने व निभाने में परेशानियां आने लगती हैं. मंगल दोष की वजह से बहुत से लोग अपने जीवन में कई सारी समस्याओं का सामना करते हैं, विवाह में देरी होना या फिर विवाह के बाद संबंध अच्छे न रहना ये सब मंगल दोष के कारण भी हो सकता है, किसी की कुंडली में पूरा मंगल दोष होता है तो किसी की कुंडली में आंशिक मंगल दोष होता है मगर प्रभाव जीवन में व्यक्ति को बहुत सारी परेशानियां व बहुत संघर्ष देता है, मंगल दोष को दूर करने के लिए लोग अक्सर तमाम तरह के उपाय करवाते हैं, आइये हम आपको बताते हैं जीवन में मंगल दोष को दूर करने के लिए वैदिक ज्योतिष के अनुसार कुछ उपाय ।

किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल दोष होने के कुछ लक्षण –

कुंडली के अलावा भी कुछ ऐसे लक्षणों से पता लगाया जा सकता है कि व्यक्ति में मंगल दोष है या नही…

1. माना जाता है कि सोते समय जिस व्यक्ति की आँखे या मुंह पूरे बन्द नही होते हो, सामने देखने पर भी उसकी आँखों का कार्निया ऊपर की तरफ दिखता हो तो वो व्यक्ति मंगल दोष से पीड़ित होता है.

2. मंगल दोष से पीड़ित व्यक्ति अक्सर रक्त से सम्बंधित बिमारियों की चपेट में आ जाता है.

3. भारी मांगलिक दोष से पीड़ित व्यक्ति जिस घर में रहता है उस घर में अक्सर बिजली का सामान ख़राब हो जाता है.

मंगल दोष दूर करने के कुछ उपाय –

1. मंगल दोष के कारण अगर विवाह में देरी हो रही है तो प्रत्येक मंगलवार के दिन व्रत रखें व हनुमान जी को लाल पुष्प अर्पित करें इसके पश्चात् हनुमान चालीसा का पाठ करें, इससे शीघ्र विवाह के योग बनते हैं.

2. प्रति दिन प्रातः स्नानादि के पश्चात् लाल रंग के आसन पर बैठ कर एक सौ आठ बार ॐ हं हनुमते नमः का जाप करें, मंगल दोष को दूर करने का ये एक बेहतरीन मन्त्र जाप है.

3. मंगल दोष वाले लोगों को ज्योतिष से परामर्श लेकर लाल मूंगा जड़ित सोने की अंगूठी दाहिने हाथ की अनामिका ऊँगली में धारण करनी चाहिए.

4. मंगल ग्रह की शांति के लिए महा मृत्युंजय मन्त्र का जाप करना भी बहुत लाभदायक होता है.

5. मंगल दोष से पीड़ित व्यक्ति को बरगद की जड़ में मीठा दूध चढ़ाकर उससे अपने मष्तिष्क पर तिलक लगाना चाहिए, ऐसा करने से आपके जीवन में अमंगल नही होगा.

6. मंगल दोष के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए एक लाल कपड़ा लें इसमें मसूर की दाल, लाल चंदन, लाल फूल एवं लाल मिठाई और इसमें कुछ पैसे दक्षिणा के रूप में रख कर, इस सामग्री को लाल कपड़े में लपेट कर कहीं बहते हुए जल में प्रवाहित कर आएं.

7. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगल हमारे शरीर में खून में स्थित होता है अतः मंगल से प्रभावित व्यक्ति को क्रोध जल्दी आता है ऐसे में मंगल को शांत करने के लिए ऐसे जातकों को अपने गुस्से पर काबू रखने का प्रयत्न करना चाहिए.

8. मंगलवार के दिन कुछ न कुछ दान अवश्य करना चाहिए.

9. मंगलवार के दिन व्रत रखने वाले व्यक्तियों को सिर्फ तुअर की दाल का ही सेवन करना चाहिए.

10. मंगल दोष वाले जातकों को मंगलवार के दिन नव ग्रह मन्त्र का भी जाप करना चाहिए इससे भी मंगल दोष से मुक्ति मिलती है इसके अलावा प्रति दिन एक सौ आठ बार गायत्री मन्त्र का जाप करने से भी मंगल दोष का असर कम होता है.

11. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार एक मांगलिक जातक को दूसरे मांगलिक जातक से ही विवाह करना चाहिए, क्योंकि वर और वधु दोनों मांगलिक होते हैं तो दोनों के मंगल दोष एक दूसरे के योग से समाप्त हो जाते हैं.

12. मंगल दोष से पीड़ित व्यक्ति को मंगलवार के दिन मंगल देव के साथ उनकी पत्नी शक्ति देवी की आराधना करनी चाहिए, मंगलवार के दिन प्रातः स्नानादि करके मंगल देव व शक्ति देवी या ऐसी संयुक्त मूर्ति या चित्र उपलब्ध नही है तो केवल मंगल देव को लाल चंदन से तिलक करने के पश्चात् खुद भी ये तिलक लगाएं और लाल सिंदूर में घी या सरसों का तेल मिला कर उससे मंगल देव की मूर्ति या तस्वीर पर मले यानि इसका चोला चढ़ाएं और सरसों के तेल का या घी का दीपक जलाएं इसके पश्चात् लाल फूल चढ़ाएं, और इसके पश्चात् उनके इस मन्त्र से जप व ध्यान करें ॐ मंगलम् शक्तिदेव्यै नमः, शाम को इस व्रत का समापन दिया बाती करके इन्हें गुड़ का भोग लगाएं उसके पश्चात खुद भी ये खाएं ।